मंगलवार, 30 अक्टूबर 2007

सरकारी अस्पताल (व्यंग्य कविता)

न डाक्टर, न दवाई,
स्वयं बीमार व बदहाल।
रोगी डरता जिसे देखकर,
वही है सरकारी अस्पताल॥

2 टिप्‍पणियां:

  1. वस्तु स्थिती है । चार लाइन में पूरा हाल लिख दिया ।

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  2. सरकारी हाल पर पूरा मिलाकर अब एक पोस्ट लिखा डालो। बढ़िया लिख रहे हो।

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